एक दिन तुम भी अपने मायके को तरसो ननद रानी

"यह कोई बात होती है क्या विकास? ऐसे कैसे तुम मुझे ऐन टाइम पर मायके जाने से मना कर सकते हो? अब तो ट्रेन की टिकट भी बुक हो चुकी है। और पिछले 2 साल से मेरी मां मेरे आने का इंतजार कर रही है। पिछली बार यहां दादी जी आ गई थीं। गांव से अपनी बीमारी का इलाज कराने के लिए तब मुझे उनकी सेवा के लिए रुकना पड़ा था। पूजा दीदी ने बोल दिया था भाभी माँ से इस उमर में काम नहीं होता| दादी का काम आपको करना पड़ेगा, पर इस बार ऐसा क्या हो गया जो तुम और माँजी मुझे मायके जाने के लिए मना कर रहे हो वह भी तब जब मैंने पूरी तैयारी कर ली आपने मायके जाने की?" मीनाक्षी गुस्से से विकास पर बड़बड़ाती जा रही थी।
विकास मीनाक्षी के होठों पर अपनी अंगुलियां रखता है और बोलता है "अब बस करो मीनू यार। अब मैं भी देखो मम्मी के फैसले के आगे कुछ नहीं कर सकता। तुमको पता है 2 महीने बाद पूजा की शादी है| तो गांव से ताई जी और चाचा जी का फोन आ रहा है कि आपने अपने दोनों बच्चों की शादी शहर में कर दी। अब परिवार की लास्ट शादी तो कम से कम गांव के पुश्तैनी मकान से करो। तो बस मम्मी और पापा जी दोनों ने अभी प्लान बना लिया है कि वह अपनी छोटी बेटी की शादी गांव से ही करेंगे। इसलिए मां और पापा दोनों गांव जाएंगे अपने पुश्तैनी मकान के रंग रोशन कराएंगे उसकी टूट-फूट सही कराएंगे। मम्मी पापा वहां चले जाएंगे तो फिर तुम्हारा यहां पर रहना जरूरी है ना फिर बड़ी वाली दीदी भी आ रही है थोड़े दिन में यहां का काम कौन करेगा इसलिए तुम्हारा रुकना जरूरी है। और तुम्हारी टिकट तो कैंसिल भी हो सकती है। मीनू प्लीज समझा करो ना यार इस बार की बात है फिर आराम से जाना तुम अपने मायके"।
मीनाक्षी बोलती है हां आराम से जैसे तुम लोगों ने मुझे हमेशा बहुत आराम से मायके भेजा है। घर में हमेशा पहले महाभारत होती है| फिर उसके बाद में मायके जाती हूं। इन 7 सालों में मैंने बहुत अच्छे से देखा है। मेरे मायके जाने के नाम से घर में भूचाल सा आ जाता है। मीनाक्षी थोड़ी दुखी हो जाती है। विशाल बोलता है मीनू तुम मम्मी से बात करके देखो एक बार वह भेजने के लिए हां कर दे तो चली जाना।
मीनाक्षी अपनी सास के पास जाती है और बोलती मां मुझे प्लीज 10 दिन के लिए ही सही पर एक बार मायके जाने दो आपको पता है ना मां से मिले मुझे कितना टाइम हो गया। और यहां पर पूजा दीदी है और थोड़े दिन में बड़ी दीदी भी आने वाली है तो यह दोनों मिलकर घर का काम संभाल लेगी और मैं बस 10 दिन बाद वापस आ जाऊंगी सिर्फ 10 दिन की बात है मां।
मीनाक्षी की बात सुनकर मीनाक्षी की सासु माँ बोलती है "वाह बहु वाह थोड़ी तो शर्म कर अगर इस बार मायके नहीं जाएगी तो कौन सा पहाड़ टूट जाएगा। तेरी ननद की शादी है किसी दूसरे की नहीं। और अभी तक मायके से मन भरा ही नहीं क्या तेरा? और मेरी बेटी यहां पर मायके में छुट्टियां मनाने आएगी तू वहां मायके जाकर आराम करे, वह यहां पर काम करे। कुछ तो शर्म लिहाज कर|"
तभी वहां पर पूजा आ जाती है और वह भी बोलने लगती है "भाभी आपको मायके जाने के अलावा कुछ सूझता नहीं है क्या? आप मुझे को बोल रही हो घर का काम मैं संभालू कुछ दिन के लिए, जो लड़की 2 महीने बाद में दुल्हन बनने वाली है। उससे उसकी भाभी घर का काम कर आएगी। मेरी सहेलियों की भाभी को देखो अपनी ननद की शादी में भाग भाग कर काम करती है। मुझको तो मेरे हाथ पैरों की केयर करनी है। स्किन का ध्यान रखना है। इसके अलावा मुझे कुछ नहीं करना है।"
मीनाक्षी बोलती है "दीदी अभी शादी में काफी टाइम है। शादी में मैं भी पूरा काम करूंगी। पर अभी बस सिर्फ 10 दिन की बात है मेरा मन भी थोड़ा अच्छा हो जाता अगर एक बार मै अपनी मां से मिलकर आ जाती तो। पूजा की सास कड़क कर बोलती है तुझे समझ में नहीं आ रहा। एक बार मना कर दिया बस मायका कोई भागा नहीं जा रहा वहीं मिलेगा तुझे तेरा मायका| अपनी ननद का ख्याल रख ले शादी है इसकी जा जूस बनाकर ला इसके लिए।
मीनाक्षी अंदर आ जाती है। कमरे में आकर फूट-फूट कर रोने लगती है। पिछली बार भी जैसे ही मीनाक्षी का मायके जाना तय हुआ सासु माँ ने अपनी सास को इलाज कराने के लिए बुला लिया। और मीनाक्षी को उनकी सेवा में लगा दिया। इस वजह से मीनाक्षी मायके ना जा पाई। इस बार यह नया बखेड़ा कर लिया। मीनाक्षी सोच रही थी क्या सिर्फ 10 दिनों के लिए भी यह अपना काम कुछ दिन खुद नहीं कर सकते। तभी सास की आवाज आती है जूस बना कि नहीं मीनाक्षी जूस बनाने चली जाती है। और रोती रहती है रोते-रोते मीनाक्षी के दिल से एक ही आवाज निकलती है यह पूजा की बच्ची भी एक दिन यूं ही अपने मायके आने के लिए तरसे तो पता चले इसको की मायका क्या होता है। और जूस गिलास में डालते हुए बोलती है एक दिन तुम भी तरसो नंदरानी मायके को। विकास किचन में आता है और बोलता है मीनू यार प्लीज अब इस तरह से तुम उदास तो मत हो। मीनाक्षी बोलती है नहीं तो क्या खुशी से नाचू सिर्फ 10 दिन की बात थी क्या 10 दिन तुम्हारी बहने अपना काम खुद नहीं कर सकती। विकास बोलता है अगली बार पक्का चली जाना।
विकास को नाराजगी से देखते हुए मीनाक्षी जूस का गिलास अपनी ननद को देने चली जाती है। मीनाक्षी का मायके जाना कैंसिल हो गया था मीनाक्षी होने वाली दुल्हन के सारे नाजो नखरे उठा रही थी। और शादी की तैयारियों में लग गई। पर इन तैयारियों के बीच में कभी-कभी मीनाक्षी के मन में एक दर्द सा उठता अपनी मां से मिलने के लिए। पर इस दर्द की परवाह किसको थी। ऐसे करते-करते पूजा की शादी का दिन भी आ गया। पूजा विदा होकर अपने ससुराल चली गई। पूजा की मां का रो-रोकर बुरा हाल था वह अपनी बेटी को बोल रही थी| लाडो तेरा जब मन हो मुझसे मिलने के लिए आ जाया कर। पर सासू जी की लाडो को घुटने के दर्द से परेशान सास मिली जो जैसे अपनी बहू के आने का हि का इंतजार कर रही थी। पूजा की सास ने पूजा को अपने बेटे के साथ शादी के रीति रिवाज निभाने के नाम पर सिर्फ दो बार मायके भेजा| और वह भी 2 घंटे के लिए फिर फटाफट अपने बेटे के साथ वापस बुला लिया।
पूजा की मां बोलती रही दो रात तो मेरी बेटी को मेरे साथ रुकने दो दामाद बाबू। दामाद बाबू बोले बोले मां घुटने का ऑपरेशन कराएगी अब| वह अपनी बहू का ही वेट कर रही थी। कब बहू आऐ और कब वह ऑपरेशन कराए। इसलिए आपसे माफी चाहता हूं मां पूजा को अभी हम 6 महीने यहा नहीं भेज सकते| जैसे ही मां अच्छे से चलने लगेगी पूजा को मैं छोड़ जाऊंगा यहां पर आपके पास। पूजा और पूजा की मां दोनों उदास हो गई अपने दामाद की बात सुनकर। पूजा उदास होकर अपने ससुराल गई| अपनी मां से जी भर कर बात भी नहीं कर पाई।
कुछ महीनों बाद में पूजा की सास सही हो गई। और आराम से चलने लगी थी। पूजा की मां ने अपनी बेटी को मायके बुलाने के लिए फोन किया पूजा की सासू मां ने फोन उठाया और बोली कैसी हो समधन जी पूजा की मां बोली बढ़िया है समधन जी हम भी। अब तो भगवान की दया से आपके घुटने का ऑपरेशन भी बढ़िया हो गया। आप चलने भी लगी है। तो मैं बोल रही थी अब तो आप पूजा को भेज दो छुट्टियां आने वाली है इसकी बड़ी बहन भी आ रही है तो वह भी मिल लेगी पूजा से शादी के बाद में दोनों बहने मिल ही नहीं पाई। पूजा की सास बोली वही बात तो समधन जी हम बोल रहे हैं आपसे हमारी छोटी बेटी अपने बेटे को पहली बार अपनी नानी के घर लेकर आ रही है।
पूजा की शादी के कुछ दिन बाद आपको पता है हमारे नाती हो गया था। हमारे घुटनों के दर्द की वजह से हमारी बेटी ने डिलीवरी अपने ससुराल में कराई| अब हम ठीक हो गए तो कुछ महीनों के लिए अपनी बेटी को यहां बुला रहे हैं। पूजा भी अपनी ननद से अच्छे से नहीं मिल पाई है। तो अब आप ही बताइए मेरी बेटी आ रही है और उसकी भाभी उसको यहां नहीं मिलेगी तो उसको कितना बुरा लगेगा। और अभी कुछ दिन के लिए हम भेज भी देते समधन जी। पर आपको तो पता ही है अभी हमारे घुटनों में इतनी जान नहीं आई इसलिए अभी हम इतना काम नहीं संभाल सकते। जैसे ही हमारी बेटी थोड़े दिन रुक कर चली जाएगी। हम पूजा को जरुर भेज देंगे। पूजा की सास ने पूजा को फोन पकड़ा दिया और बोली लो अपनी मां से बात कर लो बोलो तुम अभी नहीं आ सकती पूजा ने फोन लिया और अपनी मां से बोला मां आपकी बहुत याद आ रही है। और यह कैसी खडूस सासू मां ढूंढी आपने मेरे लिए। इनको तो मेरे मायके के नाम लेने से हि इतनी चिढ़ हो जाती है हमेशा कोई ना कोई बहाना निकालती रहती है मुझे मायके ना भेजने का। आपके पास में बैठ कर बात करने का बहुत मन कर रहा है मां| तरस गई हूं मां मैं मायके आने के लिए| पूजा उदास होकर अपनी मां से बोल रही थी।

पूजा की मां बोलती है अब क्या बताएं बेटा अब तेरी ननद के जाने के बाद ही तेरा आना होगा। थोड़े दिन और इंतजार कर मेरा बच्चा। पूजा बोलती है मां मैंने बोला इनको सिर्फ 10 दिन के लिए जाने दो पर बोले नहीं बाद में हि चली जाना। बताओ मां ऐसे भी लोग होते हैं मुझे 10 दिन के लिए भी नहीं भेज सकते 10 दिन ये लोग नहीं संभाल सकते। पूजा की सास ने पूजा को आवाज लगाई तो पूजा अपनी मां से बोली मां मैं आपसे बाद में बात करती हूं बात करने के लिए भी यहां फुर्सत नहीं है मुझे आपसे और ऐसा बोल कर फोन रख दिया।
जब पूजा की मां पूजा से बात कर रही थी तब विकास वहां आ गया था। वह सब बातें सुन रहा था। अपनी मां को उदास देखकर विकास बोलता है मां पूजा की बहुत याद आ रही है ना आपको। पूजा की मां बोलती हां बेटा याद कैसे नहीं आएगी अपनी बेटी की। याद किसको नहीं आती पर ये इसके ससुराल वाले देख उसको भेजने का नाम नहीं ले रहे हमेशा कोई ना कोई बहाना बना रहे हैं। तेरी बहन पूजा भी तरस रही है यहां पर आने के लिए। बेटियों को जो खुशी मायके आकर होती है वह और कहीं पर भी नहीं होती।
विकास बोलता है सही कह रहे हो माँ आप इस बार हमको भी किसी मां को उसकी बेटी से मिलाना है जो 2 साल से नहीं मिल पाई। आपकी बहू मीनाक्षी इस बार मायके जा रही है मां मैं अभी उस की ट्रेन की टिकट बुक करा देता हूं। वरना मीनाक्षी की माँ भी जैसे आप पूजा की सास को कोस रही हो वैसे ही आपको कौसने लगेगी।मीनाक्षी भी अपनी मां से मिलने के लिए तरस रही है मां। पूजा की मां के पास आज बेटे की बात का कोई जवाब नहीं था। जवाब उनको मिल चुका था। इसलिए उन्होंने मीनाक्षी को आवाज देकर बोला अरे मीनाक्षी तू कब जा रही है अपने मायके अपनी मां से मिलने तैयारी कर ले अपने मायके जाने की तेरी मां तेरे आने का इंतजार कर रही होगी।
मीनाक्षी ने जब अपनी सासू मां के मुंह से यह बात सुनी तो खुशी से नाचने लगी और सोचने लगी किसी ने सच ही कहा है जब बात खुद पर आती है तब ही वह सही लगती है। अपनी सासू मां को सही राह दिखाने के लिए पूजा की सासू मां का मन ही मन शुक्रिया किया। अब उसकी ननद भी उसको कभी मायके जाने के लिए मना नहीं करेगी क्योंकि अब उनको भी मायके का मोह और मां की ममता का पता चल गया है।
मीनाक्षी खुश होकर मायके जाने की तैयारी करने लगी।

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