बेहद ही चमत्कारी है ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र, जानें इस अद्भुत मंत्र के लाभ

शिव जी की पूजा करते समय उनसे जुड़े मंत्रों का जाप जरूर किया जाता है। बिना मंत्र जाप किए शिव जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। ॐ नमो शिवाय भगवान शिव का सबसे प्रसिद्ध मंत्र है और उनकी पूजा करते हुए इस मंत्र का जाप जरूर किया जाता है। यह मंत्र बेहद ही असरदार माना जाता है और इस मंत्र का जाप करने से शिव जी हर कामना को पूरा कर देते हैं। ॐ नमः शिवाय मंत्र (Om Namah Shivaya) का जाप किस तरह से किया जाता है और ॐ नमः शिवाय मंत्र के लाभ क्या हैं। इसकी जानकारी इस लेख में दी गई है। तो आइए जानते हैं इस चमत्कारी मंत्र के बारे में।
ॐ नमः शिवाय मंत्र – Om Namah Shivaya
ॐ नमः शिवाय का उल्लेख शिव पुराण में किया गया है। शिव पुराण में इस मंत्र को शिव का सबसे प्रिय मंत्र बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार ॐ नमो शिवाय, गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र और राम नाम का जाप इंसान को जरूर करना चाहिए। इन मंत्रों का जाप करने से जीवन सुखों के साथ व्यतीत हो जाता है।

मंत्र का अर्थ
‘ॐ नम: शिवाय’ का अर्थ है कि – आत्मा घृणा, तृष्णा, स्वार्थ, ईष्र्या, काम, क्रोध, लोभ, मोह और माया से रहित होकर प्रेम और आनंद से परिपूर्ण होकर भगवान से मिलना। (और पढ़ें – श्रीकृष्ण मंत्र)

ॐ नमः शिवाय मंत्र के लाभ
इस मंत्र का जाप करने से कई तरह के लाभ मिलते हैं। इसलिए आप इस मंत्र का जाप जरूर किया करें। आइए नजर डालते हैं ॐ नमः शिवाय मंत्र के लाभों के बारे में-

इस मंत्र का जाप करने से हर कामान पूरी हो जाती है। जो लोग रोज इस मंत्र का जाप करते हैं, उन लोगों को वो सब मिल जाता है जो कि वो पाना चाहते हैं।
सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए अगर इस मंत्र का जाप किया जाए, तो मन चाहा जीवन साथी मिल जाता है। इसलिए अविवाहित लोग ॐ नमः शिवाय (Om Namah Shivaya) का जाप जरूर करें।
ॐ नमः शिवाय मंत्र के लाभ सेहत के संग भी जुड़े हुए हैं। इस मंत्र का जाप करने से शरीर की रक्षा कई रोगों से होती है। साथ में जो लोग किसी रोग से ग्रस्त हैं अगर वो लोग इस मंत्र का जाप करें। तो वो निरोगी हो जाते हैं।
शनि देव की साढ़े साती शुरू होने पर इस मंत्र का जाप करना शुरू कर दें। इस मंत्र का जाप करने से शनि की साढ़े साती खत्म हो जाएगी।
जिन लोगों का मन शांत नहीं रहता है वो लोग रोज रात को सोने से पहले इस मंत्र का जाप करें। इस मंत्र का जाप करने से मन शांत हो जाता है और तनाव दूर हो जाता है।
ॐ नमः शिवाय मंत्र के लाभ भय से भी जुड़े हुए हैं। इस मंत्र को पढ़ने से भय दूर हो जाता है। इसलिए जिन लोगों को खूब डर लगाता है उनको यह मंत्र जरूर पढ़ना चाहिए।
छात्र अगर इस मंत्र का जाप करते हैं तो उनके अंक अच्छे आते हैं।
घर में कलह होने पर इस मंत्र का जाप किया करें। रोज ये मंत्र पढ़ने से घर की कलह दूर हो जाती है और घर में शांति स्थापित हो जाती है।
घर में नकारात्मक ऊर्जा होने पर इस मंत्र (Om Namah Shivaya) का जाप कर लें। यह मंत्र पढ़ते ही ऊर्जा समाप्त हो जाती है।
कुंडली में राहु ग्रह के गलत भाव में होने से जीवन में कई तरह की परेशानी आती हैं और कोई भी कार्य पूरा नहीं हो पाता है। हालांकि अगर इस मंत्र का जाप किया जाए, तो राहु के कारण पैदा होने वाली परेशानियां खत्म हो जाती है।


ॐ नमः शिवाय मंत्र बोलने से पहले रखें इन बातों का खास ख्याल
इस मंत्र का जाप सुबह के समय करना सबसे उत्तम होता है। सुबह उठकर स्नान करें और उसके बाद पूजा घर में या मंदिर में जाकर इस मंत्र का जाप करें।
मंत्र का जाप करते समय अपनी आंखों को बंद रखें और उसके बाद ही इस मंत्र का पढ़े।
मंत्र पढ़ते समय केवल शिव भगवान का ही ध्यान करें। वहीं मंत्र पूरा पढ़ने के बाद शिव जी का नाम जरुर लें।
ॐ नमः शिवाय मंत्र (Om Namah Shivaya) का जाप करने के लिए अगर आप माला का प्रयोग करते हैं। तो इस बात का ध्यान जरूर रखें कि माला केवल रुद्राक्ष की हो। क्योंकि शिव जी से जुड़े मंत्रों को केवल रुद्राक्ष की माला पर ही पढ़ा जाता है।


कब करना चाहिए इस मंत्र का जाप
इस मंत्र का जाप वैसे तो आप रोज कर सकते हैं। लेकिन शास्त्रों के अनुसार इस मंत्र का जाप सावन, माघ माह और भाद्रपद माह में करना बेहद ही उत्तम होता है। इस दौरान इस मंत्र का जाप करने से शिव जी जल्द ही प्रसन्न हो जाते हैं और हर कामना को पूरा कर देते हैं।

कितनी बार करें जाप
ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप कम से कम 11 बार करें। इस मंत्र का जाप करने से पहले अपने पास एक दीपक जरूर जलाएं और उसके बाद ही इसे पढ़ें। हो सके तो हर सोमवार को मंदिर में जाकर पहले शिव जी की पूजा करें और उसके बाद इस मंत्र को पढ़ें।
ॐ नमः शिवाय चमत्कारी मंत्र है। इस मंत्र का जाप करने से जीवन के तमाम दूखों को दूर किया जा सकता है। इसलिए किसी भी तरह की परेशानी आने पर बस इस मंत्र का जाप करें। यह मंत्र पढते ही परेशानी दूर हो जाएगी। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि यह मंत्र पढ़ते समय आपके मन में केवल अच्छे ही विचार आएं और साफ मन से आप इस मंत्र का जाप करें।

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