Apara Ekadashi 2020: अपरा एकादशी पर भूलकर भी ना करें ये काम

अपरा एकादशी 2020 (Apara Ekadashi): मान्यताओं के अनुसार एकादशी के पावन दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इस दिन चावल का सेवन करने से मनुष्य का जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में होता है.
अपरा एकादशी 2020 (Apara Ekadashi): आज अपरा एकादशी है. हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है. आज भक्त विष्णु भगवान की पूजा अर्चना करेंगे. इस एकादशी को भद्रकाली एकादशी और जलक्रीड़ा एकादशी के काम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन जो भी भक्त पूरे विधि-विधान के साथ पूरे दिन उपवास करता है उसे जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है. प्रेत बाधा कभी नहीं परेशान करती है. उसके घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है और उसे समाज में यश और वैभव की प्राप्ति होती है. लेकिन कुछ मान्यताएं ऐसी भी हैं जिनमें एकादशी के दिन कुछ कामों को निषेध बताया गया है. एकादशी के दिन इन कामों को करने से काफी नुकसान हो सकता है. आइए जानते हैं क्या हैं ये धार्मिक मान्यताएं...

भूलकर भी न करें ये काम
- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन चावल नहीं खाना चाहिए. दरअसल इसके पीछे यह मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल का सेवन करने वाला जातक अगले जन्म में रेंगने वाले जीव की योनि में पैदा होता है. जो लोग एकादशी का व्रत नहीं भी रखते हैं, उन्हें भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए.हिए.

- इस दिन प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा जैसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. ये तामसिक आहार माने गए हैं. इनसे नकारात्मकता आती है.

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- ऐसा कहा जाता है कि एकादशी के दिन जो लोग मांस-मदिरा का सेवन करते हैं उन्हें नर्क के समान यातनाएं झेलनी पड़ती है. पद्मपुराण में लिखा है कि अपरा एकादशी के दिन पूरे मन और विधि-विधान से व्रत करने से मरने के बाद नर्क की यातनाएं नहीं झेलनी पड़ती हैं. आत्मा प्रेत योनी में नहीं भटकती बल्कि मुक्त हो जाती है.

- किसी भी प्रकार की हिंसा ना करें.

- आज के दिन दान का विशेष महत्व है. आज कल लॉकडाउन हैं ऐसे में आप घर बैठे ही ऑनलाइन दान कर सकते हैं. इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है.

अपरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. कई धर्म पुराणों में भी इस बात का उल्लेख है कि इस व्रत को करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.

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