क्यों है सुहागरात पर दूध पीने की प्रथा, जानिए यहां

भारत में शादी करने का मतलब होता है दो आत्माओं का मिलन। शादी की पहली रात को सुहागरात बोलते हैं। इस रात को यादगार बनाने के लिए दुल्हे के परिवार वाले पति-पत्नी का कमरा फूलों से सजाते हैं और दुल्हन को दूध और केसर से भरा गिलास दुल्हे को देने के लिये कहते हैं। सुहागरात पर दुल्हे को दूध पिलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
सुहागरात पर दूध पीने की प्रथा जिसकी शुरुआत तो पता नहीं कहां से हुई पर फिल्मों की बदोलत इसको खासी लोकप्रियता मिल गयी है। वैसे तो हम सभी को बचपन से ही दूध पीने की नसीहत दी जाती है। इनके फायदों से हमें बचपन से ही अवगत कराया जाता है, दूध नहीं पिओगे तो हड्डियां मजबूत नहीं होंगी, दिमाग काम नहीं करेगा आदि-आदि। लेकिन शादी में दूध का अलग ही महत्व है आइए जानें इसके पीछे कुछ पुख्ता कारण है भी या नहीं...


गुणों का खजाना है दूध
मॉर्डन साइंस में माना जाता है कि दूध से सेरोटोनिन हॉर्मोन भी निकलता है, जो दिमाग को शांत करने में मदद करता है। यह विटामिन और पोषक तत्वों का एक बड़ा ोित हैं। शायद यही कारण है की शादी के बाद की पहली रात को दूध पिया जाता हैं ताकि वह शरीर में आई द्रवों की कमी को पूरा कर दे। दूध शरीर के लिए कैल्शियम की आपूर्ति का सबसे अच्छा स्त्रोत है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं। यह हमारी दांतों को मजबूत बनाता है।


हार्मोन में होता है इजाफा
यह हम सभी जानते हैं कि दूध में प्रोटीन रहता हैं, जिससे हमारे शरीर की मांसपेशियों के पुनर्निर्माण में मदद करता हैं। डिप्रेशन में भी राहत देता है। अब जब शादी होती है तो दूल्हा दुल्हन बहुत ही थके और तनावपूर्ण होते हैं। क्योंकि शादी एक दिन की रस्म तो नहीं होती कम सम कम एक हफ्ते पहले से रस्में शरु हो जाती हैं। ऐसे में उनकी थकान मिटाने के लिए दूध दिया जाता है। दूध कामसूत्र के संकेतो के अनुसार अगर दूध में सौंफ का ताजा रस, शहद, नघपान और चीनी मिला कर पिया जाए तो ऊतकों में मजबूती आती है। हामोज़्न में सुधार दूध में मौजूद प्रोटीन की मदद से टेस्टोस्टेरॉन और एस्ट्रोजन नामक दो सेक्स हॉरमोन भी बनते हैं। इसलिये दूल्हे को दूध और बादाम का प्रोटीन से भरा मिश्रण दिया जाता है।


यौन सक्रियता बढ़ाए
यदि दूध में केसर या शिलाजीत आदि मिला कर पिया जाए तो पुरुष प्रजनन तंत्र के लिये अच्छा होगा। नियमित दूध के सेवन से कामेच्छा, शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता बढ़ती है। आयुर्वेद के अनुसार दूध सात्विक और पोषण पहुंचाने वाला आहार है। यह कामोद्दीपक का काम भी करता है और साथ ही प्रजनन कोशिकाओं को पोषण भी देता है।


इम्यूनिटी और पाचन बढ़ाए
दूध शरीर के प्रजनन ऊतकों को ऊर्जा देता है। साथ ही दूध दिमाग तेज बनाता है, शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है और पाचन क्रिया दुरुस्त रखता है और शरीर द्वारा शोषित हो जाता है जिससे रात को आप अच्छा परफ ामज़् कर सकें। प्रजनन कोशिकाओं को पोषण दे दूध में वह शक्ति होती है कि वह वात और पित्त में बैलेंस बिठा सके।


गाय का दूध है सबसे अच्छा
ऐसा इसलिये क्योंकि यह आसानी से पच जाता है इसलिए सुहागरात में यही पिलायाा जाता है। आयुवेज़्द के अनुसार गाय का दूध न सिर्फ शरीर में सेक्स की इच्छा बढ़ाता है बल्कि होने वाला बच्चा भी काफी बलवान होता है। शरीर की ऊर्जा बढ़ाए ताजे दूध में काबोहाइड्रेट होता है जो कि कोशिकाओं को ऊर्जा पहुंचाता है। कार्बोहाइड्रेट आपकी किडनी और ब्रेन के कार्य को और गतिशील बना देते हैं।


मूड और नींद सुधारे
दूध में विटामिन डी भी पाया जाता है जो कि दिमाग में सेरोटिन नामक हार्मोन पैदा करने में मदद करता है। इससे मूड तो अच्छा होता ही है साथ ही भूख और नींद भी लगती है। साथ ही यह डिप्रेशन और थकान को भी दूर करता है।

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