4 घंटे में जिस तरह खत्म हुआ पूरा परिवार, सुन रोंगटे खड़े हो जाएंगे

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां निमोनिया से पीड़ित पति की हालत बिगड़ने का पता चलने के बाद एक गर्भवती महिला ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी. पड़ोसी उसे लेकर अस्पताल पहुंचे.
यहां खून से लथपथ महिला का ऑपरेशन कर गर्भस्थ शिशुओं को बचाने की कोशिश की गई. महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया लेकिन खुद दम तोड़ दिया. इसके ठीक तीन घंटे बाद दोनों मासूम बगैर आंख खोले ही इस दुनिया से चले गए. फिर कुछ देर बाद वेंटिलेटर पर चल रहे पति की भी मौत हो गई.
कोलार पुलिस के अनुसार, घटना स्वरूप साईंनाथ नगर में हुई. यहां मुलताई के रहने वाले 37 वर्षीय मनोज गोहे और पत्नी गायत्री के साथ रहते थे. मनोज कार फाइनेंस का काम करते थे. दोनों ने 10 साल पहले प्रेम विवाह किया था.
12 नवंबर को मनोज खांसी और बुखार का चेकअप कराने बंसल अस्पताल पहुंचे. डॉक्टरों ने तकलीफ ज्यादा बढ़ने का हवाला देकर उन्हें भर्ती कर लिया.
गायत्री को सात महीने का गर्भ था. इसलिए मनोज ने उन्हें अस्पताल आने के लिए मना कर दिया. सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे गायत्री ने अस्पताल में मौजूद देवर तरुण को फोन किया. पति का हाल पूछा तो देवर ने कहा कि भाभी आप अस्पताल आ जाओ.

तरुण ने मनोज के पड़ोसी से कहा कि वह कार से गायत्री को अस्पताल लेकर आएं. इस बीच गायत्री एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर जा पहुंची और करीब 40 फीट की ऊंचाई से छलांग लगा दी.गायत्री के बड़े भाई नरेश ने बताया कि शादी के 10 साल बाद भी गायत्री को कोई संतान नहीं थी. इसी साल उसने गर्भधारण किया. घर में बेहद खुशी का माहौल था. गायत्री को सात महीने का गर्भ था, वो भी जुड़वां.
नरेश ने बताया कि गायत्री ने अपने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया. इनमें एक बेटा और एक बेटी थे. बच्चों को जन्म देते ही गायत्री की मौत हो गई. इसके थोड़ी देर बाद बच्चों ने भी दम तोड़ दिया. गायत्री की मौत की खबर मिलने से पहले ही मनोज की भी मौत हो गई.

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