खुद में और अपने टैलेंट में यकीन रखने में कामयाबी तय: सुशांत सिंह राजपूत

अगर इरादे बुलंद हों और मेहनत आपकी रगों में दौड़ती हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता, बिहार की राजधानी पटना में जन्मे सुशांत सिंह राजपूत पर ये बात एकदम सही बैठती है. वे 2000 में परिवार समेत दिल्ली आए और अपने शौक को करियर बनाने के लिए मुंबई चले गए. इंजीनियरिंग छोड़कर अपने जुनून को पूरा करने निकले एक्टर सुशांत सिंह राजपूत आज एक जाना पहचाना नाम हैं. सुशांत का यकीन हमेशा सीखते रहने में है.


शिक्षा से जुनून की ओर
मैंने ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेस एग्जामिनेशन में सातवां स्थान हासिल किया था और दिल्ली कॉलेज और इंजीनियरिंग में केमिकल इंजीनियरिंग पढ़ रहा था. तभी मैंने दूसरे सेमेस्टर में श्यामक डावर के ट्रूप में शामिल हो गया. 2006 में ऑस्ट्रेलिया में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में श्यामक डावर ने मुझे ऐश्वर्य राय के साथ डांस करने का मौका दिया. पांचवे छठे सेमेस्टर में मैं पढ़ाइ छोड़कर मुंबई चला गया.

दिल्ली से मुंबई
जब मुंबई आया तो मैंने यहां डांस में हाथ आजमाया. मैंने यहां एलन और अमीन के साथ एक्शन सीखा और नादिका बब्बर के साथा दो साल थिएटर भी किया. इस तरह मैंने 4-5 साल खुद को अच्छे से ट्रेन करने में लगाए. मैं खुशकिस्मत रहा कि मुझे स्ट्रगल नहीं करना पड़ास लेकिन ऐसा नहीं है कि मैंने मेहनत नहीं की.

कामयाबी भरा सफर
लगभग 4-5 साल रहने मैं एक एनजीओ के लिए प्ले कर रहा था. वहीं मुझे एकता कपूर ने देखा और मेरा टेलीविजन करियर शुरू हो गया. फिलहाल मैं यशराज फिल्मस की एक फिल्म कर रहा हूं.

सफलता का मंत्र
मेरा मानना है कि अगर आपके अंदर सीखने की भूख और अच्छा करने का जुनून है और आप खुद में और अपने टैलेंट में यकीन रखते हैं तो सौ फीसदी आपको सफलता जरूर मिलेगी. जीवन के उतार चढ़ाव से घबराएं नहीं. निरतंर सीखने की प्रक्रिया जारी रखें. कामयाबी आपके कदम चूमेगी.

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