Numerology: लकी नंबर्स में करते हैं विश्वास? जानें क्या है अंक ज्योतिष और कैसे करता है काम

अंक ज्योतिष (Numerology): अंक ज्योतिष (संख्या शास्त्र, न्यूमरॉलजी) एक वेस्टर्न साइंस है. लेकिन इसकी शुरुआत छठी शताब्दी ई.पू में मिलती है. कुछ लोग अंक ज्योतिष पर काफी विश्वास करते हैं और कुछ इसे महज अंधविश्वास कहकर खारिज कर देते हैं. ज्योतिषशास्त्र की तरह ही अंक ज्योतिष भी 'ऑकल्ट साइंस' का एक भाग है. अंक ज्योतिष में ज्योतिष शास्त्र के नौ ग्रहों के स्थान पर नौ नंबर (1 से 9) होते हैं. हर नंबर का एक स्वामी ग्रह माना गया है. और ग्रह एक नंबर को. लेकिन अंक शास्त्र ज्योतिषशास्त्र की तरह काटहिं नहीं होता. बस थोड़े से अध्यन से इसे आसानी से समझा जा सकता है. जो लोग अंक ज्योतिष पर विश्वास करते हैं उनका मानना है कि इससे जरिए केवल आप अपना भाग्य ही नहीं जान सकते हैं बल्कि यह पूरा का पूरा अंकों का विज्ञान है.

बॉलीवुड और क्रिकेट कि दुनिया के कई ऐसे सितारे हैं जिन्होंने अंक ज्योतिष के आधार पर अपने नाम के अक्षरों में कुछ बदलाव किए हैं. निर्माता निर्देशक करण जौहर, एकता कपूर के अलावा कई ऐसे नाम हैं जो इस फेहरिस्त में शामिल हैं.

किस तरह काम कारता है अंक ज्योतिष:
अंक ज्योतिष कि में 1 से लेकर 9 तक केवल 9 अंक होते हैं. इन 9 अंकों के आधार पर ही जातक के भविष्य की गणना कि जाती है. न्यूमरॉजिस्ट जातक के जन्मदिन कि तिथि, उसके नाम के मूलांक, उसके ऑफिस का नाम आदि की जानकारियां जुटाकर इकट्ठा कर लेते हैं और फिर इसे डिकोड कर जातक का लकी नंबर, लकी कलर, उसके बारे में कई बातें और उसके कमजोर और मजबूत पक्ष के बारे में बताते हैं. अंक ज्योतिष की गणना को आप इस तरह समझ सकते हैं: यदि आपका जन्म किसी भी महीने कि 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 6 है.

न्यूमरॉलजी का उदय कब हुआ:

न्यूमरॉलजी को वेस्टर्न साइंस का एक हिस्सा माना जाता है. इसकी शुरुआत छठी शताब्दी ई.पू. में हुई थी. महान गणितज्ञ पाइथागोरस के समय में न्यूमरॉलजी यानी कि अंक ज्योतिष को गणित का ही हिस्सा माना जाता था. लेकिन वर्तामन में गणितज्ञ इसे ‘छद्म गणित’ (Pseudo Mathematics) कहते हैं.

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