CHANDRA GRAHAN (LUNAR ECLIPSE) 2020: साल का पहला चंद्र ग्रहण करीब 4 घंटे के लिए रहेगा, जानिए इसकी तारीख, समय और अन्य डिटेल

Chandra Grahan 2020 Date And Time (Chandra Grahan Kab Padega): वर्ष का पहला चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse 2020) 10 जनवरी (10 January 2020)  को लगने वाला है। यह उपच्छाया चंद्रग्रहण होगा। जिसे भारत सहित यूरोप, एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के कुछ क्षेत्रों में देखा जा सकता है। इसके अलावा साल 2020 में 3 और चंद्र ग्रहण साथ ही 2 सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2020) भी पड़ेंगे।
Chandra Grahan 2020 Date And Time (Chandra Grahan Kab Padega): ग्रहण एक खगोलीय घटना है। लेकिन इसका अपना धार्मिक महत्व भी है। हिंदू धर्म में ग्रहण को अच्छा नहीं माना जाता है। क्योंकि इसका मानव समाज के जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। 

ग्रहण का समय:
 ये उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा । जिसका पहला स्पर्श 10 जनवरी की रात 10 बजकर 39 मिनट पर होगा, इस ग्रहण का सूतक दोपहर 12:30 बजे होगा और 2.40 बजे (11 जनवरी) को समाप्त होगा। इस ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 1 मिनट होगी। चंद्रग्रहण 9 घंटे पहले शुरू होता है। इस ग्रहण का मुहूर्त 10 जनवरी को दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा।

चंद्र ग्रहण कैसा दिखता है:
जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है, तो पृथ्वी पर चंद्र ग्रहण का दृश्य देखा जाता है। पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लगता है। चंद्रमा पृथ्वी का एक उपग्रह है जो पृथ्वी के चारों ओर घूमता है। पृथ्वी के चारों ओर घूमने की प्रक्रिया में एक महीना लगता है। इसी तरह, पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है। चंद्रमा और पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करते हुए एक सीधी रेखा में नहीं आते हैं, यही वजह है कि पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर नहीं पड़ती है। लेकिन कभी-कभी पूर्णिमा की रात, चंद्रमा पृथ्वी की कक्षा में घूमता है और पृथ्वी की स्थिति सूर्य और चंद्रमा के बीच एक सीधी रेखा में होती है। फिर पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है 
और पृथ्वी पर चंद्रग्रहण शुरू होता है।


ग्रहण के बारे में धार्मिक मान्यताएँ:
पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण राहु केतु के कारण होते हैं। ऐसा माना जाता है कि राहु केतु सूर्य और चंद्र को अपना शत्रु मानते हैं, जिसके कारण वे कभी-कभी चंद्रमा पर सूर्य को अर्घ्य देते हैं। जिसके कारण इस ग्रहण की घटना घटित होती है। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के समय न तो भोजन करना चाहिए और न ही भोजन बनाना चाहिए। इस दौरान आपको कोई भी शुभ कार्य और पूजा कार्य नहीं करना चाहिए। विशेषकर गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल ​​के दौरान विशेष ध्यान रखना चाहिए। भूलकर भी गर्भवती महिलाओं को किसी भी नुकीली चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और न ही सूतक काल शुरू होते ही घर से बाहर निकलना चाहिए।